बुधवार, 4 जुलाई 2012

लड़कियों को हमेशा हिफ़ाज़त मुहैय्या कराएं

पहले लड़कियों को उनकी हिफाज़त की गर्ज़ से घर में रखा जाता था और जब वे घर से बाहर जाती थीं तो उनकी हिफाज़त के लिए घर का कोई न कोई सदस्य भी उनके साथ जाता था . आज लड़कियों और औरतों के लिए खतरे पहले से ज़्यादा बढ़ गए हैं और उनकी हिफ़ाज़त  का परम्परागत कवच भी आज उन्हें मयस्सर  नहीं है. अपनी लड़कियों को हमेशा हिफ़ाज़त मुहैय्या कराएं. दरिन्दे जान पहचान के दायरे में भी होते हैं।. देखिये एक ताज़ा घटना और सबक़  हासिल कीजिये-

ब्लू फिल्म देखते हुए दो नाबालिगों के साथ 5 लोग सारी रात करते रहे रेप

नागपुर. हुडकेश्वर क्षेत्र में पांच लोगों पर दो नाबालिग लड़कियों के साथ पूरी रात गैंगरेप करने का आरोप लगा है। ये पांचों रात भर ब्लू फिल्म देखते रहे और बारी-बारी से लड़कियों को हवस का शिकार बनाते रहे। एक लड़की की उम्र 12 और दूसरी की 14 वर्ष बताई गई है। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपियों ने रविवार की रात 9 बजे से सोमवार की सुबह 5 बजे तक स्वागत नगर में एक आरोपी के घर में वारदात को अंजाम दिया। उस घर में कोई नहीं था। पांच आरोपियों में से एक के कहने पर दोनों लड़कियां उसके साथ स्वागत नगर गई थीं। उस आरोपी की पीडि़त लड़कियों में से एक के साथ अच्‍छी पहचान थी। 
जुल्म की रात
पुलिस के अनुसार स्वागत नगर इलाके में रहने वाले प्रशांत जोगदंड (24), छगन श्रीवास (30), पंकज दूधकावडे (22), भूषण जावडे (21) और संजय सोनटक्के (23) ने बस्ती की ही दो लड़कियों के साथ गैंगरेप किया। गैंगरेप की शिकार 14 वर्षीय लड़की पंकज दूधकावडे की दोस्त थी। रविवार की रात पंकज उसे बस्ती में मिला। उसने उसकी सहेली (दूसरी पीडि़ता) के बारे में पूछा और कहा कि उसे बुला कर ला, कुछ दोस्तों से मिलवाता हूं। पंकज की बातों में आकर दीपिका (14 वर्षीय लड़की का बदला हुआ नाम) ने अपनी 12 वर्षीय सहेली नीलम (परिवर्तित नाम) को उसके घर से बुलाया।  
दीपिका और नीलम को लेकर पंकज अपने दोस्त छगन श्रीवास के घर लेकर गया। वहां पर छगन के अलावा प्रशांत, भूषण और संजय मौजूद थे। वे सभी पहले से ही ब्लू फिल्म देख रहे थे। पंकज के पहुंचने के बाद सभी ने फिल्म बंद कर दिया। उसके बाद पंकज ने दीपिका और नीलम का एक दूसरे से परिचय कराया। पंकज और उसके दोस्तों ने उनसे कहा कि घर में कोई नहीं है। पार्टी मनाएंगे। दीपिका और नीलम ने इनकार किया कि वे घर वापस नहीं गईं तो घर वाले परेशान हो जाएंगे। 
इस बीच फिर पंकज और उसके दोस्तों ने फिर से ब्लू फिल्म शुरू कर दी। उसके बाद सभी दोस्तों ने सारी रात दोनों लड़कियों के साथ जबरदस्‍ती की। 
लड़कियों के घर वाले सारी रात उनकी तलाश में जुटे रहे। सोमवार की सुबह उनके परिजन हुडकेश्वर थाने में उनके गायब होने की शिकायत दर्ज कराने जा रहे थे, तब बदहवास हालत में नीलम उन्हें आती दिखाई दी। उसी से दीपिका के बारे में पता चला। दीपिका छगन के घर पर अकेली पड़ी थी। घर का दरवाजा खुला था। 
दोनों लड़कियों को लेकर उनके घर वाले थाने पहुंचे। हुडकेश्वर पुलिस ने गैंगरेप का मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। तफ्तीश जारी है।
Source : http://www.bhaskar.com/article/MH-girls-got-gangraped-while-watching-blue-film-3477001.html?RHS-badi_khabare=

5 टिप्‍पणियां:

डा. श्याम गुप्त ने कहा…

क्या टिप्पणी .... घर के लोग अकेली लडकियों को छोडकर गए ही क्यों ....
---- लडकियां दोस्त बनाने ही क्यों लगी हैं ...क्यों गएँ दोस्त के साथ...उन्हीं की गलती है...सजा तो भुगतेंगी ही...इसमें कोइ क्या करे...

veerubhai ने कहा…

ये वहशी पन हमारे बदहवास दौर में है इससे कोई इनकार नहीं कर सकता .लेकिन इसके मनो -सामाजिक कारणों की तह में जाए बिना कुछ नहीं हो सकता .फरेबी को दोश्त कहना और लडकी के चेहरे पे तेज़ाब फैंकने वाले अपराधी को प्रेमी कहना दिमागी दिवालिया पन है .यह अपढ़ आधे पढ़े पत्रकारों की भाषा है .आप को ऐसा भाषा प्रयोग से बचना चाहिए .आप तो डॉ अनवर ज़माल साहब हैं .आप उन गुमराह तत्वों को किशोरी का दोश्त बतला रहें हैं .कौन से पैमाने से पैमाइश की है आपने दोश्ती की .

Suresh kumar ने कहा…

darindgi ki had paar kr di kamino ne ....
hame apni ladkeeyon ko samjhana bhi hoga or ase bahshi logo se bachana bhi hoga....

Shravan Som ने कहा…

SABHI KO APNI MARYADA SAMJHANI CHAHIYE.....AJKAL 12-14 SAL KI LADKI NADAN NAHIN HOTI...


http://www.yayavar420.blogspot.in/

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

@ वीरू भाई ! आपने यह अच्छा ध्यान दिलाया है कि यह भाषा अप्रशिक्षित पत्रकारों की है। भारत के हिन्दी समाचार पत्रों में भास्कर का नाम एक बड़ा नाम है। यह ख़बर भास्कर से ही ली गई है। नीचे भास्कर का लिंक भी दिया गया है। ख़बर की भाषा के संबंध में आप दिए गए लिंक पर जाकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।