बुधवार, 25 अप्रैल 2018

बेटियां और आसाराम

आसाराम दोषी करार, बिटिया के पिता ने कोर्ट का किया धन्यवाद

शनिवार, 14 अप्रैल 2018

सियासती रोटियां

सियासती रोटियां

एक नन्हीं बच्ची के जिस्म को चूल्हा बनाकर, उसकी योनि में आग लगाकर कुछ भेड़ियों ने रोटी सेंकी. वे रोटियां न हिन्दू थी और न मुस्लिम... वे सियासत की भूख मिटाने के काम आई.

डॉ शिखा कौशिक नूतन

बापू तो रहे याद भूल गए बा को


बा के  बारे में खुद बापू ने स्वीकार भी किया है कि उनमें दृढ़ता और निर्भीकता उनसे भी ज्यादा थी। बा की पहचान सिर्फ यही नहीं थी कि वे बापू की जीवन संगिनी रहीं। वह एक दृढ़ आत्मशक्ति वाली महिला थीं और गांधीजी की प्रेरणा भी


- प्रेम प्रकाश
दो अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को लेकर सरकार और समाज दोनों उत्साहित हैं। खासतौर पर पीएम मोदी ने बापू की150वीं जयंती को राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के लक्ष्य के साथ जोड़कर इसे 2014 से ही चर्चा में ला दिया है। पर यह देश और सरकार दोनों भूल यह गई कि अगले वर्ष बापू के साथ बापू की भी 150वीं जयंती है। यही नहीं, कस्तूरबा (11 अप्रैल 1869 - 22 फरवरी 1942) चूंकि गांधी से 6 माह बड़ी थीं, इसलिए बा की जयंती दो अक्टूबर से पहले 11 अप्रैल को ही मनाई जाएगी।

कस्तूरबा और गांधी आधुनिक विश्व में दांपत्य की सबसे सफल मिसाल हैं। बा के  बारे में खुद बापू ने स्वीकार भी किया है कि उनमें दृढ़ता और निर्भीकता उनसे भी ज्यादा थी। तारीखी अनुभव के तौर पर भी देखें तो बा की पहचान सिर्फ यही नहीं थी कि वे बापू की जीवन संगिनी रहीं। आजादी की लड़ाई में उन्होंने न सिर्फ हर कदम पर अपने पति का साथ दिया, बल्कि यह कि कई बार स्वतंत्र रूप से और गांधीजी के मना करने के बावजूद उन्होंने जेल जाने और संघर्ष में शिरकत करने का फैसला किया। यहां तक गांंधी के अहिंसक संघर्ष की राह में वे गांदी से पहले जेल भी गईं। वह एक दृढ़ आत्मशक्ति वाली महिला थीं और गांधीजी की प्रेरणा भी। उन्होंने नई तालीम को लेकर गांधी के प्रयोग को सबसे पहले अमल में लाई।

इसी तरह चरखा और स्वच्छता को लेकर गांधी के प्रयोग को मॉडल की शक्ल देने वाली कोई और नहीं, बल्कि कस्तूरबा ही थीं। इसको लेकर कई प्रसंगों की चर्चा खुद गांधी ने भी की है। कहना हो तो कह सकते हैं कि शिक्षा, अनुशासन और स्वास्थ्य से जुड़े गांधी के कई बुनियादी सबक के साथ स्वाधीनता संघर्ष तक कस्तूरबा का जीवन रचनात्मक दृढ़ता की बड़ी मिसाल है।

धन्यवाद के पात्र हैं गांधी की लीक पर चले रहे वे कुछ सर्वोदयी, जिन्होंने बा और बापू की प्रेरणा को साझी विरासत के तौर पर जिंदा रखा। इस मौके पर ‘बा-बापू 150’ के नाम से जहां गांधी के इन अनुयायियों ने देशव्यापी यात्रा काफी पहले शुरू कर दी है, वहीं इस अभियान के तहत कुछ और कार्यक्रम भी हो रहे हैं। पर जहां तक रही सरकार और समाज की मुख्यधारा की बात तो शायद उनकी स्मृति से बा की विदायी हो चुकी है। 

गुरुवार, 12 अप्रैल 2018

ये इंसानियत का बलात्कार है

आज शब्द ही नहीं हैं जिनसे इस कुकृत्य की निंदा की जाये.... इंसानियत चीखती रही... और गूंगी हो गई...

रविवार, 1 अप्रैल 2018

औरत की तकदीर

औरत की तकदीर में देखो ,हरदम रोना-धोना है ,
मिलना उसको नहीं है कुछ भी ,सब कुछ हर पल खोना है ,
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तड़प रहेगी उसके दिल में ,जग में कुछ कर जाने की ,
नहीं पायेगी वो कुछ भी कर ,बोझ जनम का ढोना है ,
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सपना था इस जीवन में कि सबके काम वो आएगी ,
सच्चाई ये उसका जीवन ,सबकी रोटी पोना है ,
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टूट रही है तिल-तिल गलकर ,कुछ भी हाथ न आता है ,
पता चल गया भाग्य में उसके ,थक हारकर सोना है ,
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नारी जीवन में देने को ,प्रभु की झोली खाली है ,
''शालिनी '' का मन तड़पाकर ,भला देव का होना है ,
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शालिनी कौशिक 
[कौशल ]

बुधवार, 7 मार्च 2018

महिला दिवस पर--कहानी हमारी -तुम्हारी ---डा श्याम गुप्त ...


महिला दिवस पर--कहानी हमारी -तुम्हारी ---डा श्याम गुप्त ...

                

महिला दिवस पर---
कहानी हमारी -तुम्हारी
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ये दुनिया हमारी सुहानी न होती ,
कहानी ये अपनी कहानी न होती ।
ज़मीं चाँद -तारे सुहाने न होते ,
जो प्रिय तुम न होते, अगर तुम न होते।

न ये प्यार होता, ये इकरार होता ,
न साजन की गलियाँ, न सुखसार होता।
ये रस्में न क़समें, कहानी न होतीं ,
ज़माने की सारी रवानी न होती ।

हमारी सफलता की सारी कहानी ,
तेरे प्रेम की नीति की सब निशानी ।
ये सुंदर कथाएं फ़साने न होते,
सजनि! तुम न होते,जो सखि!तुम न होते ।

तुम्हारी प्रशस्ति जो जग ने बखानी,
कि तुम प्यार-ममता की मूरत,निशानी ।
ये अहसान तेरा सारे जहाँ पर ,
तेरे त्याग -दृढता की सारी कहानी ।

ज़रा सोचलो कैसे परवान चढ़ते,
हमीं जब न होते, जो यदि हम न होते।
हमीं हैं तो तुम हो सारा जहाँ है ,
जो तुम हो तो हम है, सारा जहाँ है।

अगर हम न लिखते, अगर हम न कहते ,
भला गीत कैसे तुम्हारे ये बनते।
किसे रोकते तुम, किसे टोकते तुम ,
ये इसरार इनकार, तुम कैसे करते ।

कहानी हमारी -तुम्हारी न होती ,
न ये गीत होते, न संगीत होता।
सुमुखि ! तुम अगर जो हमारे न होते
सजनि! जो अगर हम तुम्हारे न होते॥

भारतीय नारी ब्लॉग प्रतियोगिता -5 का परिणाम

भारतीय नारी ब्लॉग प्रतियोगिता -5 का परिणाम

''सुश्री शालिनी कौशिक जी व् सुश्री मनीषा गुप्ता जी संयुक्त रूप से विजेता''


भारतीय नारी ब्लॉग प्रतियोगिता-5 का परिणाम घोषित  करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है |प्रतियोगिता हेतु दो ही प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं |दोनों ही  प्रतिभागियों  ने बहुत सुन्दर क्षणिकाएं प्रेषित की है | दोनों ही प्रतिभागियों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया जाता है | दोनों प्रतिभागियों के नाम  इस प्रकार है -
१- सुश्री शालिनी कौशिक [एडवोकेट]
२- सुश्री मनीषा गुप्ता bouquet of flowers congratulations के लिए इमेज परिणामbouquet of flowers congratulations के लिए इमेज परिणाम

 शालिनी जी व् मनीषा जी आप दोनों को बहुत बहुत बधाई | आशा है भविष्य में भी आप भारतीय नारी ब्लॉग प्रतियोगिताएं में प्रतिभागिता कर आयोजन को सफल बनाने में हमारा सहयोग करती रहेंगी | आप दोनों के प्रमाण -पत्र व् '' ये तो मोहब्बत नहीं '' काव्य-संग्रह की प्रति शीघ्र ही डाक द्वारा आपके बताये गए पते पर प्रेषित कर दी जाएँगी -

शुभकामनाओं के साथ
डॉ शिखा कौशिक 'नूतन'
[ब्लॉग -व्यवस्थापक ]



निश्चित रूप से दोनों प्रतिभागियों द्वारा प्रेषित क्षणिकाएं  नारी जीवन के मर्म को अभिव्यक्ति प्रदान करने वाली हैं. जो इस प्रकार हैं -
*कांधला (शामली) से सुश्री शालिनी कौशिक एडवोकेट द्वारा प्रेषित क्षणिकाएं -



1-
ममता की बेबसी में,
       करती रोटी की चोरी,
रखे खुद की थाली खाली
       भरे बेटे की कटोरी.

2-

लाचार पिता दिन भर
      करे हाड़-तोड़ मेहनत,
चमका सके न फिर भी
    बेटी की दुखी किस्मत.

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

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*ऋषिकेश से सुश्री मनीषा गुप्ता द्वारा प्रेषित क्षणिकाएं -

क्षणिका ( 1)

माटी की मूरत हैं हम बेटियाँ
जिस रूप में चाहो ढल जाती हैं
मायके से लेकर ससुराल की लाज
बचाते बचाते एक दिन चिर निंद्रा में
सो जाती हैं .............!

क्षणिका ( 2)

नित्य संवेदना से घिरिअस्तित्व विहीन
अपरिपूर्ण परिलक्षित सी मैं ....
प्यार के सारगर्भित रहस्य को छुपा
निश्चेतन ,निष्प्राण सी शिलाखंड...
न भावनाओं का आरोह न जज़्बातों
का अवरोह जिंदगी की ग़ज़ल में
तार सप्तक के स्वर ......
राग मल्हार गाने की कोशिश पर
मन रूपी वीणा के अव्यवस्थित से तार...

मनीषा गुप्ता