रविवार, 16 अक्तूबर 2011

२०२५ के प्रश्न-उत्तर --अतुकांत रचना पर तुक है |

पहले बता किस बहना का बन्धु-भाई है || 

पुरुष- प्रश्न
कितने अपरचित ले गए
धनिया उखाड़ कर -
मैंने छुआ तो  मुझको 
बाहर भगा  दिया ?
सब्जी बनाई थी 
खुश्बू भी आ सके --
 ऐ बेमुरौवत
क्यों ठोकर लगा दिया |
     File:India sex ratio map.svg        
स्त्री -उत्तर 
किचेन  में  तुम्हारी,  
 तीन  पीढ़ी  से  --
क्या घर  की  कोई  बेटी,  
खाना  बनाई है ?
तेरी  न  कोई  फुफ्फी, 
बाबा-कलाई  सूनी --
तूने  भी अपने घर 
कब राखी मनाई  है ?
भूल जा रे लोलुप, 
धनिया नहीं मिलेगी -
पहले बता, 
किस बहना का बन्धु-भाई है ??

6 टिप्‍पणियां:

Davesh ने कहा…

bahut achhi rachna

डा. श्याम गुप्त ने कहा…

वाह !!! क्या कविता है ...सुंदर ...सन २०२५ में यही होने वाला है .....भविष्य की कविता ''''बधाई ...

--- ज्योतिषियों का धंधा बंद कराना चाहते हो क्या ..

Manish Kr. Khedawat " मनसा " ने कहा…

vicharniya
rochak prastuti
badhai :)

virendra ने कहा…

jahaan na jaayye ravi wahaan jaaye kavi . badhaayee,priy ravikar ji kuchh aisi hee hogi bhaavee kavitaayee .

virendra ने कहा…

jahaan na jaayye ravi wahaan jaaye kavi . badhaayee,priy ravikar ji kuchh aisi hee hogi bhaavee kavitaayee .

रविकर ने कहा…

आदरणीय श्रीमन !!

तुक-ताल मिला न पाया था |
थोडा सा घबराया था --
इसीलिए अतुकांत का लेबल
कविता पर लगाया था |

बहुत-बहुत आभार ||