मंगलवार, 25 जून 2013

हुक्म देना हक़ है मेरा जान लो बेगम मेरी

Couple getting married, hands and rings on fingers - stock photo
हुक्म देना हक़ है मेरा जान लो बेगम मेरी
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हुक्म देना हक़ है मेरा जान लो बेगम मेरी ,
पर्दे में रखना ये चेहरा जान लो बेगम मेरी !

सिर झुकाकर रहना होगा चारदीवारी में अब ,
रखूंगा मै सख्त पहरा जान लो बेग़म मेरी !

चौक-चूल्हा झाड़ू-बुहारी ये तुम्हारे काम हैं ,
और क्या वज़ूद तेरा जान लो बेग़म मेरी !

जो बग़ावत करने को फन उठाओगी कभी ,
मैं कुचल दूं बन सपेरा जान लो बेग़म मेरी !

हो मेरी अब कैद में फडफडाना  छोड़ दो ,
मैं हूँ 'नूतन' अँधा-बहरा जान लो बेग़म मेरी !

शिखा कौशिक 'नूतन'

6 टिप्‍पणियां:

Shalini Kaushik ने कहा…

चौक-चूह्ला झाड़ू-बुहारी ये तुम्हारे काम हैं ,
और क्या वज़ूद तेरा जान लो बेग़म मेरी !
sahi kaha aapne .

vibha rani Shrivastava ने कहा…

शुभप्रभात
वाह !! उम्दा प्रस्तुति
दिल से आभार
हार्दिक शुभकामनायें

रविकर ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति-
बधाई-

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत खूब ... मर्द की दादागिरी पता नहीं कब तक चलेगी ...

Darshan Jangara ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति-

नीरज पाल ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति-
बधाई-