बुधवार, 3 अप्रैल 2013

कायरता है पुरुष की समझे बहादुरी है ,

शामली में चार बहनों पर तेजाब उड़ेला
 शामली में कांधला कस्बे में पहली  बार  हुई यह दर्दनाक घटना महिलाओं की सुरक्षा पर फिर से सवालिया निशान खड़े करती है .

 

Updated on: Tue, 02 Apr 2013 11:42 PM (IST)
कांधला (शामली) : कस्बे में सरेशाम चार बहनों समेत पांच लड़कियों पर बाइक सवार तीन युवकों ने तेजाब फेंक दिया। इस घटना में तीन बहनें गंभीर रूप से झुलस गई। तीनों को दिल्ली रेफर किया गया है। एक युवती का कांधला में व किशोरी का शामली के निजी अस्पताल में उपचार किया गया है। चारों बहनें इंटर कालेज में परीक्षा ड्यूटी देकर घर जा रही थी। किशोरी वहां से गुजरते हुए तेजाब फेंकने के दौरान चपेट में आ गई। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। 

मोहल्ला नई बस्ती निवासी मरहूम सलीम खां की एक पुत्री कमरजहां गांव जसाला के लाड्डो देवी कॉलेज में व दूसरी पुत्री आयशा कस्बे के हिंदू इंटर कालेज में ट्यूटर (शिक्षिका)है। इनकी अन्य दो बहनें ईशा व सोनम भी प्रशिक्षित शिक्षक हैं। चारों बहनों की हिंदू इंटर कॉलेज में बोर्ड की परीक्षा में ड्यूटी लगी हुई है। मंगलवार शाम को परीक्षा ड्यूटी देकर चारों बहनें घर जा रही थीं। रास्ते में कैराना रोड स्थित चार खंभा चौक के समीप पीछे से काले रंग की पल्सर बाइक सवार तीन युवकों ने चारों बहनों पर तेजाब फेंक दिया और फरार हो गए। इस दौरान वहां से गुजर रही अलीशा (11) पुत्री अकरम निवासी शेखजादगान भी तेजाब की चपेट में आ गई। तेजाब से झुलसी पांचों लड़कियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपियों की तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। गंभीर रूप से झुलसी इशा, सोनम व कमरजहां को शामली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीनों को दिल्ली रेफर कर दिया गया। अलीशा को दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। आयशा के कम झुलसने के कारण कांधला अस्पताल में उपचार किया गया। थानाध्यक्ष पंकज वर्मा का कहना है कि घटना की गंभीरता से कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
पिचकारी से फेंका तेजाब
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पांचों लड़कियों पर पिचकारी से तेजाब फेंका गया है। एक युवक बाइक चला रहा था, जबकि पीछे बैठे दोनों युवकों के हाथ में पिचकारी थी। उसी से दोनों युवकों ने एक साथ तेजाब की बौछार कर दी।
हेलमेट व रुमाल से छिपाया आरोपियों ने चेहरा
कांधला में पांच लड़कियों पर तेजाब डालने वाले आरोपियों ने चेहरा छिपाया हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक चला रहे युवक ने हेलमेट पहने था, जबकि पीछे बैठे दोनों युवकों ने मुंह पर रुमाल बांध रखा था।
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''तेजाब फेंकने की घटना संज्ञान में है, आरोपियों को पकड़ने के लिए कांधला व शामली की दो टीमें बनाई गई हैे। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।''
-अब्दुल हमीद, एसपी शामली। 
 

 
  स्थानीय होने के कारण यह घटना ह्रदय को व्यथित कर गयी और मन से व्यथा कुछ इन शब्दों में व्यक्त हुई -

झुलसाई ज़िन्दगी ही तेजाब फैंककर ,
दिखलाई हिम्मतें ही तेजाब फैंककर .

अरमान जब हवस के पूरे न हो सके ,
तडपाई  दिल्लगी से तेजाब फैंककर .

ज़ागीर है ये मेरी, मेरा ही दिल जलाये ,
ठुकराई मिल्कियत से तेजाब फैंककर .

मेरी नहीं बनेगी फिर क्यूं बने किसी की,
सिखलाई बेवफाई तेजाब फैंककर .

चेहरा है चाँद तेरा ले दाग भी उसी से ,
दिलवाई निकाई ही तेजाब फैंककर .

 देखा है प्यार मेरा अब नफरतों को देखो ,
झलकाई मर्दानगी तेजाब फैंककर .

 शैतान का दिल टूटे तो आये क़यामत ,
निपटाई हैवानगी तेजाब फैंककर .

 कायरता है पुरुष की समझे बहादुरी है ,
छलकाई बेबसी ही तेजाब फैंककर .

 औरत न चीज़ कोई डर जाएगी न ऐसे ,
घबराई जवानी पर तेजाब फैंककर .

उसकी भी हसरतें हैं ,उसमे भी दिलावरी ,
धमकाई बेसुधी ही तेजाब फैंककर .

 चट्टान की मानिंद ही है रु-ब-रु-वो तेरे ,
गरमाई ''शालिनी'' भी तेजाब फैंककर .

       शालिनी कौशिक
             [कौशल]

 शब्दार्थ  :ज़ागीर -पुरुस्कार स्वरुप राजाओं महाराजाओं द्वारा दी गयी ज़मीन ,मिल्कियत-ज़मींदारी ,निपटाई -झगडा ख़त्म करना ,निकाई-खूबसूरती




3 टिप्‍पणियां:

डॉ शिखा कौशिक ''नूतन '' ने कहा…

bahut hi dukhad hadsa hai ye .aisi ghatnaon par rok lagni chahiye varana hame ghar se bahar nikalte samay sau bar soch kar nikalna hoga .

Rajesh Kumari ने कहा…

अपनी तरफ ऐसे गंभीर मामले बढ़ते जा रहे हैं पुलिस का या क़ानून का डर ही ख़त्म होता जा रहा है बहुत दुखद है चिंतनीय है कैसे बेटियाँ सुरक्षित रहे कौन सा कवच हो जो उनकी रक्षा करे|

Reena Pant ने कहा…

बड़ी दुखद घटना ,जाने क्यों महिलाएं बेचारी हो जाती है . कदम अब हमको ही आगे बढ़ाना होगा .ये हाथ में हाथ रख, कायर बन या आश्रित रहकर कब तक हम रोती रहेंगी.बेटिओं को सिर्फ डिग्री देकर विवाह योग्य बनाने से काम नहीं चलेगा .उनमे आत्मविश्वास और बुराई से लडने का जज्बा जगाना होगा ...ऐसे लोगों को सबक सिखाना ही चहिये जो पैतरे बदलकर स्त्रिओं का अपमान करते है ...