शुक्रवार, 2 नवंबर 2012

नारी सशक्तिकरण का एक रूप ये भी है

नारी सशक्तिकरण का एक रूप ये भी है -
[नवभारत टाइम्स से साभार ]

आज करवा चौथ है। इस बार क्यों न कुछ ऐसा हो कि चांद निकलने पर 

साजन अपनी सजनी को कुछ इस तरह देखे...





ये भी खूब रही -
नई दिल्ली।। शशि थरूर की पत्नी सुनंदा को '50 करोड़ की गर्लफ्रेंड' कहना नरेंद्र मोदी को खासा भारी पड़ा है। उनकी इस टिप्पणी पर दिल्ली महिला आयोग ने कड़ा ऐतराज जताया।इस मामले पर संज्ञान लेते हुए गुरुवार को आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और मांग की कि मोदी इसके लिए सुनंदा थरूर से माफी मांगें। बरखा सिंह ने आलोचना करते हुए मोदी पर बातों-बातों में एक शेर दाग दिया। उन्होंने कहा-
 'नफरतें पालना दुर्भाग्‍य रहा हो जिसका, 
वो किसी रिश्‍ते की अज़मत कहां पहचानता है। 
प्‍यार को पैसे में तौलने वाले से कहो, 
कोई बंदर अदरक का मजा कहां जानता है...'

                                                                      शिखा कौशिक 'नूतन'

4 टिप्‍पणियां:

शालिनी कौशिक ने कहा…

ये भी एक दिन हो ही जायेगा जिस तरह से नारी सशक्त हो रही है वह यह भी करवा ही लेगी आपकी प्रस्तुति सराहनीय हैं आभार

डा. श्याम गुप्त ने कहा…

---अर्थात महिलाओं को अदरक जैसा कसैला कहा जा रहा है ...
--एक बकवास के उत्तर में एक और बकवास ...
--- महिलायें अपनी स्थिति का सुधार चाहती हैं या पुरुषों पर शासन..?

***Punam*** ने कहा…

दो प्रतिक्रियाएं....
अपनी अपनी तरह की....!!

रज़िया "राज़" ने कहा…

तुम मुझे देखो या मैं तुम्हें । तुम मुझे चाँद कहो या मैं तुम्हें....हमदोनों को साथ ही चलना है साथी।