शनिवार, 3 मार्च 2012

मौज करे दिन रात, सहे बस नारी पीड़ा -

पटना से सुशील मोदी

प्रसव करे पीड़ा सहे, रक्त दूध से पाल ।
नसबंदी की बात पर, होती रही हलाल ।

होती रही हलाल, पुरुष पौरुष दिखलाओ  ।
पांच मिनट का काल, चलो अब आगे आओ ।

मोदी की यह बात, करे खारिज नर-कीड़ा ।
मौज करे दिन रात,  सहे बस नारी पीड़ा ।।

4 टिप्‍पणियां:

***Punam*** ने कहा…

हा हा हा हा....
सही कहा है आपने ....
हम तो ये पीड़ा सह चुके हैं....
बाकी जो बच गयी हैं...कम से कम उन्हें तो ये कष्ट और मानसिक पीड़ा न उठानी पड़े...!!

"होती रही हलाल, पुरुष पौरुष दिखलाओ ।
पांच मिनट का काल, चलो अब आगे आओ ।"

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

होली की शुभकानाएं

डा. श्याम गुप्त ने कहा…

क्या बात है मोदी जी.....

शिखा कौशिक ने कहा…

sateek bat kahi hai modi ji ne .aapko saparivar holi parv ki shubhkamnayen .YE HAI MISSION LONDON OLYMPICplease spread this .