रविवार, 18 मार्च 2012

''तलाक '' हो जाता है !


''तलाक '' हो जाता है !

[photos google se sabhar ]


भावी पति की चाहत 
भावी पत्नी के बाल 
लम्बें होने चाहिए 
भावी पत्नी के बाल 
बढ़ जाते हैं झट से .


पति की चाहत 
पत्नी न पहने 
आधुनिक परिधान  
पत्नी साड़ी में 
लिपट  जाती है . 


पतिदेव की चाहत 
पत्नी रहे चौखट 
के भीतर..पत्नी 
घर में सिमट जाती है .


पत्नी की चाहत 
पतिदेव मुझे एक 
मानवी का सम्मान 
 तो दें कम से कम 
''तलाक '' हो जाता है .


                            शिखा कौशिक 
                             [विख्यात ]



11 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

निराधार कारण बड़े, करें कलेजा चाक ।

मानव जिद्दी नासमझ, समझे मोक्ष तलाक ।।

Reena Maurya ने कहा…

bahut badhiya prastuti...

शालिनी कौशिक ने कहा…

nasamjhi ka ek swaroop ye bhi hai.badhiya prastuti badhai shikha ji.

डा. श्याम गुप्त ने कहा…

क्या बात है...
चाहतों की भी कोई बात श्याम’ होती है।
बात है मान की, बस एक झलक पाने को।

dinesh gautam ने कहा…

एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान पति- पत्नी दोनों के लिए आवश्यक है पर यह सच है कि पति की इच्छाओं का सम्मान नारी न चाहते हुए भी करती है जबकि पति ऐसा विरले ही करता है। शायद बेहतर सामाजिक स्थिति में होने के दंभवश।

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

आदिम जुग की चाहत। अब ऐसी चाहना मूर्खता की श्रेणी में रखी जाती हैं।

शिखा कौशिक ने कहा…

ravikar ji ,reena ji ,shalini ji,devendr ji,shayam ji ,dinesh ji -aap sabhi ka aabhar ...मिशन लन्दन ओलंपिक हॉकी गोल्ड

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आज कल थोड़ा बदलाव आया है ...

वन्दना ने कहा…

चंद लफ़्ज़ों मे सत्य उदघाटित कर दिया ………शानदार रचना।

Rajput ने कहा…

चाँद लोगों की करतूतें सम्पूर्ण पुरुष जाति के लिए एक बदनुमा दाग है. औरत को वस्तु समझने के दिन अब लद रहे हैं .
सुन्दर अभिवयक्ति

शिखा कौशिक ने कहा…

aap ne thheeek kaha hai rajpoot ji .sahmat hun .comment ke liye hardik aabhar .