सोमवार, 23 जनवरी 2012

नार्वे सरकार ने भारतीय माँ बाप से बच्चे छीने !!

नारी मन इन नार्वे--


नारी मन इन नार्वे,  तन है एक मशीन ।
नर-नारी तन भारती, दीन हीन गमगीन ।

दीन हीन गमगीन, दूर से ताको बच्चा।
 छीनेगी सरकार, करे गर करतब कच्चा  ।

साथ सुलाए बाप, खिला दे गर महतारी ।
गलत परवरिश भांप, रोय नर हारे नारी ।।


भारत की नारी करे, पल-पल अद्भुत त्याग ।
थपकी देकर दे सुला, दुग्ध अमिय अनुराग।

दुग्ध अमिय अनुराग, नार्वे की महतारी ।
पुत्र सोय गर साथ, नींद बिन रात गुजारी ।

कह रविकर परवरिश, सदा ही श्रेष्ठ हमारी।
ममता से भरपूर, पूज भारत की नारी ।।

14 टिप्‍पणियां:

डा. श्याम गुप्त ने कहा…

कह रविकर परवरिश, सदा ही श्रेष्ठ हमारी।
ममता से भरपूर, पूज भारत की नारी ।।


---vaah!vaah!

ajit gupta ने कहा…

अब याद आया भारत लोगों को, समझ आएगा धीरे धीरे यहां की बाते। बस दुनिया की चकाचौंध में अंधे होकर भाग रहे है अपना देश छोडकर। अच्‍छा लिखा है आपने।

sangita ने कहा…

mamta ko paribhashit karti post hae aapki. meri nai post par bhi aayen svagat hae.

NISHA MAHARANA ने कहा…

कह रविकर परवरिश, सदा ही श्रेष्ठ हमारी।
ममता से भरपूर, पूज भारत की नारी ।।waah.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

रविकर जी के बिना ब्लॉगिस्तान सूना था!।
नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के जन्मदिवस पर उन्हें शत्-शत् नमन!

RITU ने कहा…

भारतीय परम्पराओं व प्यार को समझ पाना ..इन सबके बस की बात नहीं
kalamdaan.blogspot.com

veerubhai ने कहा…

अपने रविकर दिनकर दिनेश जी की लेखनी ही हो सकती है इतनी सशक्त और संप्रेष्य है .बेहतरीन रचना .

veerubhai ने कहा…

कह रविकर परवरिश, सदा ही श्रेष्ठ हमारी।
ममता से भरपूर, पूज भारत की नारी ।।
सुन्दर मनोहर सवाल उठाती आज की विसंगतियों पर .

Atul Shrivastava ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट्स पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

डॉ. नागेश पांडेय 'संजय' ने कहा…

सशक्त रचना : हार्दिक बधाई


जय जय सुभाष !

Sadhana Vaid ने कहा…

माँ तो माँ ही होती है ! कोई कैसे उसकी ममता पर सवाल उठा सकता है ! नॉर्वे की यह घटना स्तब्ध कर गयी ! सुन्दर रचना है आपकी !

रविकर ने कहा…

आभार ||

bhuneshwari malot ने कहा…

sundar rachana h,maa ki mamta ko shabdo may paribhashit karana asambhav h ,MAA the word that spell supreme power.

रविकर ने कहा…

AABHAAR