बुधवार, 4 जनवरी 2012

दर्शन-प्राशन: सञ्जय दर्शन

दर्शन-प्राशन: सञ्जय दर्शन

नव वर्ष की मंगल कामनाएं ||
१२ वर्षों के विछोह की सुखद पीड़ा |
यादों की धरती को उर्वरा बनाता -
यह केंचुआ वह कीड़ा - -- ---

3 टिप्‍पणियां:

शिखा कौशिक ने कहा…

bahut khoob .nav varsh ki hardik shubhkamnayen .

veerubhai ने कहा…

सजीव अभिव्यक्ति सुन्दर मनोहर .बहुत खूब .नव वर्ष मुबारक .

sangita ने कहा…

pratiksha men aatur bhavbhini rachna hae.