सोमवार, 3 सितंबर 2012

फर्क

हम दोनों एक ही साथ मातृत्व सुख प्राप्त करने वाले थे . उल्लास ,उमंग ,भय ,संशय  सभी का संचार एक साथ हो रहा था,,, मैं गुड न्यूज सुनते ही कल की चिंता में ....''.क्या " , "कैसे " ......इन प्रश्नों में उलझ गई ..
अन्नायास ही उससे मिलते ही पूछ बैठी
"तेरे हसबैंड क्या बोलते हैं ''....???
वह बोली-- "बाची मा कैर " (बात ही नहीं की )
इतना कहते ही हया, स्नेह और मुस्कान एक साथ उसकी आँखों में तैर गई ..
और ढूँढने लगी उस शख्श को जो शायद 6 महीने बाद आने वाला था सीमा से

और मैं हर साँस पर साथ होते हुए भी चिंतामग्न ...

5 टिप्‍पणियां:

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

एक सांझा एहसास दो सखियों का ...व्योम के उस प्यार नन्ने के पिता का होना अनुभूत हुआ ,तदानुभूत हुआ .


सोमवार, 3 सितम्बर 2012
स्त्री -पुरुष दोनों के लिए ही ज़रूरी है हाइपरटेंशन को जानना
स्त्री -पुरुष दोनों के लिए ही ज़रूरी है हाइपरटेंशन को जानना

What both women and men need to know about hypertension

रविकर फैजाबादी ने कहा…

-मर्मस्पर्शी ||

शिखा कौशिक 'नूतन ' ने कहा…

sarthak prastuti .aabhar

शालिनी कौशिक ने कहा…

sarthak prastuti .

kase kahun?by kavita verma ने कहा…

samvednapoorn..