शुक्रवार, 8 मार्च 2013

महिला दिवस त्यौहार -अख़बारों में विज्ञापनों की बहार

 महिला दिवस त्यौहार -अख़बारों में विज्ञापनों की बहार

महिला दिवस पर अख़बारों में विज्ञापनों के माध्यम से जो शुभकामनाओं की बहार आई है आइये आप भी देखिये -


प्रियंका  कर रही हैं प्रचार स्कूटी का ..बहाना महिला दिवस का !!

 
प्रियंका जी दिल की सुने या बैंक बैलेंस की ?

बढ़िया बात कही है बैंक ऑफ बड़ोदा ने ...खोल लो एक खाता इस बैंक में 


एल .आई सी .भी क्यों रहे पीछे ?
भाई मैसेज तो अच्छा है पर आपके मसालों की गुणवत्ता का प्रमाण ये तो नहीं !
बाज़ार को तो हर मौका भुनाना ही है !
आभूषण प्रियता नारी कमजोरी -ज्वलर्स की शुभकामनायें तो मिलेंगी जरूरी !
ये है आज की नारी सोच को दर्शाता विज्ञापन !
शिखा कौशिक 'नूतन '
              

7 टिप्‍पणियां:

शालिनी कौशिक ने कहा…

रोचक प्रस्तुति जबरदस्त कटाक्ष आभार प्रथम पुरुस्कृत निबन्ध -प्रतियोगिता दर्पण /मई/२००६ यदि महिलाएं संसार पर शासन करतीं -अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आज की मांग यही मोहपाश को छोड़ सही रास्ता दिखाएँ . ''शालिनी''करवाए रु-ब-रु नर को उसका अक्स दिखाकर .

रविकर ने कहा…

छोड़े सज्जन शॉर्टकट, उधर भयंकर लूट |
देर भली अंधेर से, पकड़ें लम्बा रूट |

पकड़ें लम्बा रूट, बड़ी सरकार निकम्मी |
चुनो सुरक्षित मार्ग, सिखाते पापा मम्मी |

लिए नौ लखा हार, सुरक्षा घेरा तोड़े |
बाला लापरवाह, लुटा करके ही छोड़े ||

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

KARTIKEY RAJ ने कहा…

जबरदस्त क्लास ली है आपने इन सबों की जो सिर्फ महिला सम्मान का दिखावा करते है.........

KARTIKEY RAJ ने कहा…

जबरदस्त क्लास ली है आपने इन सबों की जो सिर्फ महिला सम्मान का दिखावा करते है.........

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

किसी शायर ने कहा भी है -
कहिये तो आसमाँ को ज़मीं पे उतार लाएं
मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिए
कितना अच्छा हो, अगर साल 2013 में यह नज़ारा देखने को मिले कि परंपरागत और आधुनिक समाज में यह होड़ लगे कि देखें कौन औरत को हिफ़ाज़त और सम्मान देने में दूसरे को पछाड़ता है ?
मज़बूत इरादे और सकारात्मक प्रतियोगिता के ज़रिये हम औरतों को वह सब दे सकते हैं, जो उनका वाजिब हक़ है।
http://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/BUNIYAD/entry/mahila-diwas

दिनेश पारीक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ !
सादर

आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
अर्ज सुनिये