गुरुवार, 10 जनवरी 2013

वूमेन..... विज़िनेस वूमेन और पहनावा ....डा श्याम गुप्त

  



नैना लाल हेड ,एच एस बी सी  इंडिया







नीलिमा धवन  एम् डी, एच पी , इंडिया
























                  जैसा कि हम ऊपर  चित्रों .( -इकोनोमिक -टाइम्स --साभार ). में देख रहे हैं कि कारपोरेट जगत की लगभग सभी विदुषी महिला हस्तियाँ  साड़ी..या सलवार-सूट के सुरुचिपूर्ण, गरिमापूर्ण  पहनावे में हैं ...जिन्हें तुलनात्मक रूप में  हम पौराणिक विदुषियों---अपाला...घोषा....सरस्वती ...आदि के रूप भी कह सकते हैं.......यहाँ  फिल्म व राजनीति जगत की महिलायें नहीं रखी  गयी हैं क्योंकि उन पर  पहनावे के  नाटक-दिखावे  का आरोपण  भी हो  सकता है .......



 -----तो क्या कारण  है कि ..हमारे समाचार पत्र ...बिज़नेस वूमेन इन भारत ..में मीटिंग ..के समय सभी पुरुषों को सूटेड--बूटेड  परन्तु महिला बौस को विचित्र ...इनडीसेंट सी वेश-भूषा में दिखलाते हैं.....क्यों??????
 -------  यह अवास्तविकता एवं विरोधाभास किसलिए  !!!! क्या दिखाने के लिए ...क्या अर्थवत्ता है इसकी .....हम क्या सन्देश  देना चाहते हैं जन-सामान्य को ....


------ साथ ही  प्रायः महिला आफिस कर्मी, सेक्रेटरी आदि महिला कर्मी , अन्य  निम्न स्तरों पर  महिलाकर्मी व विज़िनेस - वूमेन ..व अन्य महिलायें ....इसी प्रकार के  विचित्र  व अशोभनीय परिधानों में दिखाई पड़ती हैं.....क्यों ????...
-----क्या यह इस प्रकार का  प्रचार या दुष्प्रचार या जान बूझ कर किया हुआ प्रचार इसका का कारण है या अन्य  ..??????????
और क्यों ????????????

----- अन्य चित्र गूगल साभार ...












6 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

Madan Mohan Saxena ने कहा…

Nice Post. we should think about it.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

सार्थक!

डॉ शिखा कौशिक ''नूतन '' ने कहा…

बहुत सही व् सार्थक प्रस्तुति . हार्दिक आभार हम हिंदी चिट्ठाकार हैं

शालिनी कौशिक ने कहा…

sahi kah rahe hain shyam ji aap .

डा. श्याम गुप्त ने कहा…

धन्यवाद रविकर, शास्त्रीजी, शिखा जी , शालिनी एवं मदन मोहन जी.....