रविवार, 2 दिसंबर 2012

आप मेरे जैसे हो? से साभार

आप मेरे जैसे हो? से साभार 
 
 Photo: शुभ संध्या ।
शादी में बेटे की कीमत मांगते भारी,
यह पिता नहीं हैं, ये हैं व्यापारी !
ऐसे मंगतो के घर मत जाना, चाहे कुंवारी रह जाना !

औरत की कोख से ही पैदा हुए हैं आप,

फिर भी भ्रूण हत्या का करते जघन्य अपराध,
ऐसे अपराधियों के घर मत जाना, चाहे कुंवारी रह जाना !

संसद में बैठ नंगा विडियो चलाते,
घोटालों के सिर पर अपनी तोंद बढाते,
ऐसे बदमाशों के घर मत जाना, चाहे कुंवारी रह जाना !

बलात्कारी हैं निर्लज्जता की हद ये तोडें,
बस चले इनका तो माँ-बहन को न छोडें,
ऐसे बलात्कारियों के घर मत जाना, चाहे कुंवारी रह जाना !

नशे में डूब करते जिन्दगी बरबाद,
न अपनो की शर्म न दूजों का लिहाज्,
ऐसे नशेडियों के घर मत जाना, चाहे कुंवारी रह जाना !

संत महात्मा बने फिरते, बडा तिलक लगाते,
गला उनका ही काटें जिन्हें गले लगाते,
ऐसे पापियों के घर मत जाना, चाहे कुंवारी रह जाना !

Photo: लाओ माँ चूल्हा मैं जला देती हूँ,पापा के लिए रोटी आप सेक देना।






Photo: Aakhir Kyun???


 शिखा   कौशिक 

2 टिप्‍पणियां:

Manu Shrivastav ने कहा…

बिलकुल सही कहा है आपने।
वक़्त रहते नहीं चेते तो वो दिन अब ज्यादा दूर नहीं है
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आइयेगा मेरे ब्लॉग पे
दिल ज़रा उदास है

शालिनी कौशिक ने कहा…

bahut sarthak bhavnatmak abhivyakti.badhai .