
[गूगल से साभार ]
ये न हमारी जीत है और न डॉ.ओ.पी.वर्मा जी की हार ...ये हम सभी को दिए गए संस्कारों की जीत है .ये भारतीय मूल्यों की जीत है .हमने डॉ.साहब की एक पोस्ट '' माया बाई का मुजरा'' पर आपत्ति की और उन्होंने इसे हटा दिया .गलती हम सभी से होती है .ऐसा नहीं है कि मैं कोई गलती नहीं करूंगी ..जरूरी है आप सभी मुझे सही मार्ग दिखाएँ और मैं उसे सुधार लूं .मैं डॉ. साहब के ब्लॉग - जगत में उज्जवल भविष्य की कामना करती हूँ .
शिखा कौशिक