हाइकू -ठंडी धूप बिटिया
नन्ही सी परी
आँगन में उतरी
खुशियाँ भरी
मीठी सी बोली
लगता चहकना
गुड की गोली !
ये मटकती
ठुमक ठुमक के
ये है चलती
भोली राधिका
शक्ति रूप में यही
भई अम्बिका !
ठंडी ये धूप
बिटिया गौरी-काली
देवी स्वरुप !
सत्य को जान
बिटिया वरदान
दे उसे मान !
बात है छोटी
दोनों से परिवार
बेटा व् बेटी !
नोंच न देना
गुलाब की कलियाँ
प्रण है लेना !

बेटी न मार
सब पर लुटाती
नेह अपार !
शिखा कौशिक 'नूतन'
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नन्ही सी परी
आँगन में उतरी
खुशियाँ भरी

मीठी सी बोली
लगता चहकना
गुड की गोली !

ये मटकती
ठुमक ठुमक के
ये है चलती

भोली राधिका
शक्ति रूप में यही
भई अम्बिका !

ठंडी ये धूप
बिटिया गौरी-काली
देवी स्वरुप !

सत्य को जान
बिटिया वरदान
दे उसे मान !

बात है छोटी
दोनों से परिवार
बेटा व् बेटी !

नोंच न देना
गुलाब की कलियाँ
प्रण है लेना !

बेटी न मार
सब पर लुटाती
नेह अपार !
शिखा कौशिक 'नूतन'