मंगलवार, 3 सितंबर 2013

रहन सहन एवं यौन अपराध व बलात्कार.......डा श्याम गुप्त ..




 





               If  this is the situation, this is the innovation & pretty pictures & the same is taught, told & displayed in schools ..colleges & their functions.. then forget that rapes & crimes will be controlled in country and society....

                 यदि यह  वस्तुस्थिति  एवं यही नवीनता, नवीन वैचारिकता है जिसे  स्कूलों, कालेजों में यह सिखाया, पढ़ाया, बताया एवं  दिखाने व कार्यक्रमों का भाग होता रहा तो आप भूल जाएँ कि देश व समाज में बलात्कार, यौन शोषण एवं स्त्रियों के प्रति अपराध कम होंगे .....

                                                                   ---     चित्र -- टाइम्स ऑफ़ इंडिया

4 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

डा श्याम गुप्त ने कहा…

धन्यवाद रविकर.....

Shikha Kaushik ने कहा…

fully agree with you .thanks to share this here .

डा श्याम गुप्त ने कहा…

धन्यवाद शिखा जी.....