शुक्रवार, 1 अगस्त 2014

कब मिलेगा फरीदा को न्याय


मकान में उतरा करंट, फुफेरी बहन झुलसी, लोगों ने जाम लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
खतौली। बरसात के दौरान अचानक हाईटेंशन लाइन का करंट मकान में दौड़ जाने से मासूम बालक की मौत हो गई, जबकि उसकी फुफेरी बहन झुलस गई। बालक की मौत से गुस्साए लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ हंगामा कर प्रदर्शन किया और शव को सड़क पर रख कर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने परिजनों और लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया।
बालाजीपुरम निवासी विनोद पुत्र प्रकाश के मकान के पास से ही हाईटेंशन लाइन जा रही है, जिसकी एंगल दीवार पर ही लगा रखी है। मंगलवार दाेपहर करीब एक बजे बरसात के दौरान अचानक हाईटेंशन लाइन के एंगल पर लगा इंसुलेटर फट गया और करंट मकान में फैल गया। इस दौरान विनोद का चार साल का बेटा मानू जीने पर खेल रहा था, जिसकी करंट से मौत हो गई।
जबकि उसकी फुफेरी बहन बबीता झुलस गई। बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर माेहल्ले वालों की भीड़ एकत्र हो गई। फोन करके आपूर्ति बंद कराई गई। लोगों ने बिजली वालों के खिलाफ हंगामा करते हुए शव को इंदिरा मूर्ति के पास सड़क पर रख कर जाम लगा दिया। करीब पौने चार बजे एसडीएम वैभव शर्मा, सीओ डीके मित्तल, इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंंह मौके पर पहुंचे और पीड़िताें को उचित मुआवजा दिलवाने, इस लाइन हटवाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। तब पुलिस ने बालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बच्चे की मां लता ने बिजली विभाग के खिलाफ तहरीर दी है।[[अमर उजाला से साभार ]
अब बात फरीदा की 


अभी पिछले दिनों की बात है एक महिला बेगम फरीदा पत्नी मोहम्मद महबूब ,इस्लाम नगर, कांधला [शामली ] मेरे पास एक शपथपत्र बनवाने के लिए आई .जब उसके उसमे दस्तखत की बात आई तो उसने उसमे अंगूठा लगाने की बात की तो मैंने उसे उसमे बाएं हाथ का अंगूठा लगाने को कहा क्योंकि कानूनी दस्तावेजों में बायें हाथ के अंगूठे को ही प्रामाणिक माना जाता है ,तब वह कहने लगी कि उसके बायाँ हाथ ही है  तब मेरा ध्यान उसके चुन्नी से ढके हुए हाथ पर गया जो कि कटा हुआ था ,मैंने पूछा कि यह कैसे कटा तब वह कहने लगी कि हाईटेंशन लाइन का तार गिर गया था ,मैंने देखा कि उसके पैर की  उँगलियाँ भी सब ऐसे जुड़ गयी थी कि वे कभी अलग थी ऐसा कोई नहीं कह सकता था .मैंने उससे पूछा कि ये कब हुआ तो उसने कहा कि 20-21 साल हो गए हैं  ,तब मैंने पूछा कि तुम्हें कोई मुआवज़ा मिला तब वह कहने लगी कि सब जगह जाकर देख लिया अपने ही पैसे खर्च हो गए मिला एक रुपया भी नहीं .
    अब ऐसे में जब आज तक फरीदा ही न्याय के लिए भटक भटककर थक हारकर अपने घर बैठ चुकी है तब बबीता  के लिए न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

शालिनी कौशिक 
    [कौशल ]


1 टिप्पणी:

BLOGPRAHARI ने कहा…

आपका ब्लॉग देखकर अच्छा लगा. अंतरजाल पर हिंदी समृधि के लिए किया जा रहा आपका प्रयास सराहनीय है. कृपया अपने ब्लॉग को “ब्लॉगप्रहरी:एग्रीगेटर व हिंदी सोशल नेटवर्क” से जोड़ कर अधिक से अधिक पाठकों तक पहुचाएं. ब्लॉगप्रहरी भारत का सबसे आधुनिक और सम्पूर्ण ब्लॉग मंच है. ब्लॉगप्रहरी ब्लॉग डायरेक्टरी, माइक्रो ब्लॉग, सोशल नेटवर्क, ब्लॉग रैंकिंग, एग्रीगेटर और ब्लॉग से आमदनी की सुविधाओं के साथ एक सम्पूर्ण मंच प्रदान करता है.
अपने ब्लॉग को ब्लॉगप्रहरी से जोड़ने के लिए, यहाँ क्लिक करें http://www.blogprahari.com/add-your-blog अथवा पंजीयन करें http://www.blogprahari.com/signup .
अतार्जाल पर हिंदी को समृद्ध और सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता आपके सहयोग के बिना पूरी नहीं हो सकती.
मोडरेटर
ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क