बुधवार, 12 सितंबर 2012

जीवन तो दो ............

जीवन  तो दो ............

छू  तो लिया हमने
आसमान की बुलंदियों को
और तुम नीचे  से            
हमारी ही आँखों से
देख रहे हो अंतरिक्ष के
अनसुलझे रहस्यों को
जो तुम्हारी पहुँच से है दूर
पर मैंने पा लिया है
कई बेटों को पछाड़
भर ली ऊँची उड़ान
मैं भी तो बेटी ही हूँ
फिर क्यों मुझ जैसी ही
बेटियों को मार देते हो
जन्म  लेने से पहले
जीवन तो दो बेटियों को
कर सकती है वो
हर सपने साकारबेटियों को मार देते हो
जन्म  लेने से पहले
जीवन तो दो बेटियों को
कर सकती है वो
हर सपने साकार
बस एक ऊँगली थाम 
बेटियाँ  हैं  अनमोल उपहार
बस जीवन तो दो .........बेटियों को मार देते हो
जन्म  लेने से पहले
जीवन तो दो बेटियों को
कर सकती है वो
हर सपने साकार
बस एक ऊँगली थाम 
बेटियाँ  हैं  अनमोल उपहार
बस जीवन तो दो .........
बस एक ऊँगली थाम 
बेटियाँ  हैं  अनमोल उपहार
बस जीवन तो दो .........