मंगलवार, 21 मई 2019

ये कैसा विवेक!!!

अपने नाम के विपरीत अभिनेता जी  नारी के प्रति आपकी अभद्र सोच उजागर हो चुकी है. ऐतराज किये जाने पर ट्वीट डिलीट करने से आप पाक साफ नहीं हो जाते. नारी सशक्तिकरण पर जोर शोर से भाषण देने वालों की अमूमन ये ही स्थिति है. होंठों पर कमल और दिल में कीचड़




. -डॉ शिखा कौशिक नूतन 

1 टिप्पणी:

roopchandrashastri ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (24-05-2019) को "आम होती बदजुबानी मुल्क में" (चर्चा अंक- 3345) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'