मंगलवार, 17 अक्तूबर 2017

दीपावली महापर्व की हार्दिक शुभकामनायें


इस बार दीपक वे जगें ,फैले उजाला प्यार का ,
अंत हो इस मुल्क में मज़हबी तकरार का !
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हो मिठाई से भी मीठा , मुंह से निकले बोल जो ,
ये ही मौका है मोहब्बत के खुले इक़रार का !
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इस अमावस को बदल दें चांदनी की रात में ,
तब मज़ा आएगा असली दीपों के त्यौहार का !
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नफ़रतें मिट जाएँ सारी , फिरकापरस्ती दफ़न हो ,
इस दीवाली काट देंगें सिर हर एक गद्दार का !
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अब दिलों में झिलमिलाएँ प्रेम से रोशन दिए ,
कारोबार ठप्प हो 'नूतन' नफरत-ए-बाजार का !
शिखा कौशिक 'नूतन'

4 टिप्‍पणियां:

Shalini Kaushik ने कहा…

HAPPY DEEPAWALI TO YOU

HARSHVARDHAN ने कहा…

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन दीवा जलाना कब मना है ? - ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

Sudha Devrani ने कहा…

लाजवाब प्रस्तुति....
वाह!!!

Kavita Rawat ने कहा…

आपको भी दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं!