रविवार, 20 नवंबर 2016

मुझे खामोश रहने दो


मेरे दिल में बहुत शोले
मुझे खामोश रहने दो,
लबों पर आ गये तो
आग दुनिया में लगा देंगे !

उबलते हैं उफनते हैं
बगावत के समन्दर जो,
अगर दिल चीर कर रख दूं
ये दुनिया को बहा देंगे !

तेरी जिद है बनाना
मुझको अपने पैर की जूती,
हमारे हौसले सरताज
दुनिया का बना देंगे !

नहीं मिट सकती है हस्ती
कभी औरत की दुनिया से,
हम अपने दुश्मनों का नाम
दुनिया से मिटा देंगे !

तुम्हारे जुल्म है नूतन
हद - ए- बर्दाश्त से बाहर,
पलट कर वार मेरे आज
दुनिया को हिला देंगे !

dr.shikha kaushik 

2 टिप्‍पणियां:

Pratibha Verma ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

राकेश कौशिक ने कहा…

वाह वाह - बहुत खूब